दूरदर्पण न्यूज़ से तस्लीम अहमद की खास रिपोर्ट
पिरान कलियर। नगर पंचायत पिरान कलियर निकाय चुनाव में नाजिम त्यागी प्रमुख ने महमूदपुर बेडपुर पिरान कलियर में किया ज़ोरदार प्रचार जिसका क्षेत्रवासियों द्वारा दिए गए समर्थन से गदगद नज़र आए नाजिम त्यागी प्रमुख
उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव अपने आखरी दौर की ओर है तो ऐसे में चुनाव का प्रचार-प्रसार अपने पूरे शबाब पर है सभी उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने में कोई कौर-कसर छौड़ रहे हैं नगर की गली मोहल्ले चुनावी पोस्टरों झंडियों से लबरेज़ हैं। हर उम्मीदवार मतदाताओं को नए नए तरीकों से लुभाने की कोशिश में जुटें हैं । लेकिन आज का मतदाता भी जागरूक हो गया है ओर वह अपने मत का प्रयोग बड़े ही सोच समझकर करता है। वहीं मतदाताओं की खामोशी ने सभी प्रत्याशियो की धड़कनें बढ़ा रखी हैं। बात अगर नगर पंचायत पिरान कलियर के चुनाव की बात करें तो यहां लगभग 17 हजार मतदाता हैं । इस नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं जिसमें हाजरा बानो को कांग्रेस पार्टी ने तो समीना बेगम को बसपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है तो वहीं मुस्लिम बाहुल्य सीट होने की वजह से भाजपा ने यहां अपना सिंबल नहीं दिया है इसके अलावा नगमा पत्नी निवर्तमान सभासद नाजिम त्यागी प्रमुख आजाद उम्मीदवार के रूप में अपनी ताल ठोक रही हैं, इसके अलावा तीन निर्दलीय प्रत्याशी और चुनावी मैदान में हैं।

अब बात अगर मुख्य मुकाबले की करें तो इस नगर पंचायत में कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी हाजरा बानो के पति पूर्व प्रधान अकरम विधायक हाजी फुरकान अहमद के करीबी माने जाते हैं तो बसपा की प्रत्याशी शमीना बेगम लक्सर से विधायक हाजी शहजाद की बड़ी बहन है तो इस वजह से कुछ तथा कथित लोग एक नेरेटिव सेट करने की जुगत में लगे हुए है की यहां ध्रुवीकरण करके वोटो का बिखराव इन दोनों प्रत्याशियों की तरफ किया जाए जिस से यहां का चुनाव केवल इन दोनों प्रत्याशियों के बीच ही सिमट कर रह जाए कुछ तथा कथित लोगों द्वारा एक पोस्ट वायरल की गई जिसमें लिखा गया कि यहां मुकाबला विधायक फुरकान अहमद और लक्सर से बसपा विधायक हाजी शहजाद के इर्द गिर्द ही घूमने वाला है। जबकि अगर बात जमीनी स्तर की करें तो पिरान कलियर की गली मोहल्लो में घूम कर पता चलता हैं कि यहां पर इस तरह का कोई समीकरण दूर दूर तक नज़र नहीं आता है क्योंकि आज का मतदाता समझदार हो गया है वह मुखर होकर बोलने लगा है उसे पता है कि इस नगर पंचायत चुनाव में विधायक की कोई भूमिका नहीं है ओर यह चुनाव कोई विधायक या सांसद का नहीं है क्योंकि इस चुनाव से ना राज्य की सरकार पर कोई फर्क पड़ने वाला है और ना ही कोई केंद्र सरकार पर फर्क पड़ता है इस चुनाव से तो केवल गली मोहल्लो की साफ सफाई ओर गली मोहल्लों की सड़के, नाली, खंडजे, तो लग सकते है बिजली, पानी की जरूरत तो पूरी हो सकती हैं इस से ज्यादा कुछ नहीं…जब नगर के लोगों को अपनी गली मोहल्लो से संबंधित किसी भी काम की जरूरत पड़ेगी तो उनको चेयरमैन की आवश्यकता होगी न कि विधायक की । किसी भी उम्मीदवार की किस्मत का फैसला नगर की जनता के हाथों में होता है न कि किसी विधायक के हाथों में। यहां का चुनाव पूरी तरह से विकास के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है यहां किसी भी विधायक का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। जनता मुखर होकर अपनी गली मोहल्लों के विकास की बात कर रही हैं । यहां पर दोनों विधायकों के वर्चस्व का कोई मामला देखने को नहीं मिल रहा है।लेकिन दोनों विधायकों की सक्रियता से लगता है जैसे विधायक ही यहां से चुनाव लड़ रहे हैं जब की नाजिम त्यागी प्रमुख की बात अगर करें तो उनके साथ किसी विधायक का कोई सहयोग नज़र नहीं आ रहा है नाजिम त्यागी प्रमुख केवल अपने साफ़ सुथरी छवि के बलबूते पर अपनी एक मजबूत टीम को साथ लेकर इस चुनावी अखाड़े में डटे हुए हैं । उनकी साफ-सुथरी छवि को देखते हुए एक बड़ा लाभार्थी वर्ग भी उनके साथ लामबंद होता हुआ दिखाई दे रहा है तो ऐसे में साफ नज़र आ रहा है कि नाजिम त्यागी प्रमुख ने अपनी साफ़ सुथरी छवि के दम पर इस पूरे चुनावी समीकरण को उलझाकर रख दिया है।
