SIR में सुस्ती पर विधायकों से नाराज सीएम, दोबारा चुनाव न लड़ने तक की दी चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को राजधानी लखनऊ में हुई पार्टी की अहम बैठक में उन विधायकों पर नाराजगी जताई गई, जिनकी विधानसभाओं में SIR का कार्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाया है। बैठक में साफ शब्दों में कहा गया कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कई विधानसभा क्षेत्रों में SIR फॉर्म भरवाने का काम बेहद धीमा है। पार्टी नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि किसी विधायक की रुचि इस कार्य में नहीं है, तो यह माना जाएगा कि वह दोबारा चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसे में संबंधित विधायक स्पष्ट कर दें, ताकि उनकी विधानसभा सीट पर अन्य दावेदारों को तैयार किया जा सके। पार्टी में टिकट के इच्छुकों की कोई कमी नहीं है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि SIR अभियान को सफल बनाने के लिए पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि और संगठन के लोग एकजुट होकर काम करें। सांसद, मंत्री, विधायक, जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ता सभी को SIR में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सहित भाजपा के सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा SIR को गति देना और जमीनी स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।
