
अफगानिस्तान की इस सदी के इतिहास बारे में लोग दो ही बड़ी ताकतों को जानते हैं. एक अमेरिका और दूसरा तालिबान! सदी की शुरुआत में अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन था और उसके बाद 9/11 के हमलों के बाद अमेरिका का दखल शुरू हुआ और उसने तालिबान को हटा कर 2001 में अफगानिस्तान में अपनी निगरानी में नई स्थानीय सरकार बनाई. इसके बाद अगले 20 सालों तक अमेरिका अफगानिस्तान में मौजूद रहा, 2021 में अमेरिका ने यह देश छोड़ दिया और तालिबान ताकतवर होकर फिर अफगानिस्तान पर काबिज हो गया. तब से अब तक वहां तालिबान का ही शासन है. लेकिन बुधवार को ही एक आत्मघाती बम विस्फोट में तालिबान के शरणार्थी मंत्री खलिल उर रहमान हक्कानी की मौत हो गई. पर यह सब किसने किया आखिर कौन से वो ताकत है जो अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ सिर उठा रही है. आइए इस सभी सवालों के उत्तर जानते हैं.
