दो वर्ष के बच्चे को सिट्रीजिन दस एमजी देने पर पिता ने आंगनबाड़ी पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों पर लगाएं गंभीर आरोप

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(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार।
ज्वालापुर के मोहल्ला मैदानियान स्थित आंगनवाड़ी 2 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए कैंप से लगभग दो साल के छोटे बच्चे को दी गई दवाई को लेकर बच्चे के पिता रोशन अल्वी ने गंभीर आरोप लगाया है। रोशन अल्वी का आरोप है कि आंगनवाड़ी 2 मैदानियान में लगे स्वास्थ्य विभाग की ओर के कैंप में मौजूद डॉक्टरों ने उनके दो वर्ष के बच्चे को गलत दवाई दी है। जिससे उनके बच्चे को नुकसान पहुंच सकता था। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे को हल्का जुकाम था जिस पर मौजूद डॉक्टरों ने मेरे दो वर्ष के छोटे बच्चे को हाई डोज की दवाई दी है। डॉक्टरों ने उन्हें सिट्रीजिन दस दस एमजी की दो गोलियां देते हुए कहा कि एक गोली अपने बच्चे को दे देना। रोशन अल्वी ने बताया कि वह दोनों दवाइयों की गोलियों को लेकर अन्य डॉक्टर के पास गए और उनको वह दोनों दवाइयों की गोलियां दिखाई। दवाई को देख कर डॉक्टर ने उन्हें कहा कि यह पुरी गोली बच्चे को नहीं देनी है गोली के चार भाग कर एक भाग बच्चे को दे सकते है। और कहा कि पुरी गोली देने से छोटे बच्चे को अधिक नींद आ सकती है। रोशन अल्वी ने बताया कि जब वह इस संबंध में फिर दोबारा आंगनवाड़ी में मौजूद डॉक्टरों से मिले तो उन्होंने उनकी एक न सुनी और अपनी घोर लापरवाही पर पर्दा डालते हुए दवाई देने का तरीका बताने लगे। रोशन अल्वी ने बताया कि अगर वह स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई दवाई को दे देते तो उनके बच्चे को नुकसान पहुंच सकता था। और डॉक्टरों ने 10 एमजी सिट्रीजिन की पूरी गोली देने की बात बच्चे को कहीं है दवाई देते समय किस तरह बच्चे को डोज दी जाएगी, इसकी बिल्कुल भी सही तरीके से जानकारी डॉक्टरों द्वारा नहीं दी गई है यह स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही है। वही मैदानियान आंगनवाड़ी 2 में पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के एमओ डॉक्टर प्रियंका चौधरी और एमओ डॉक्टर मनवीर सिंह ने दी गई दवाई से किसी भी प्रकार का नुकसान न होने की बात कही है और बताया गया कि अगर बच्चा सिट्रीजिन दस एमजी की डोज ले भी लेता है तो छोटे बच्चे को केवल नींद अधिक आ सकती है अन्य कोई समस्या नहीं होगी। हालांकि अगर किसी दो वर्ष के बच्चे को सिट्रीजिन दस एमजी की गोली दी जाती है और बच्चा गहरी नींद में सो जाता है तो इससे मां-बाप मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं वह बच्चे को बेसुध सोते हुए देख घबरा भी सकते हैं। और इधर-उधर डॉक्टर के पास भी दौड़ लगाने की संभावना उत्पन्न हो सकती है। और छोटे बच्चे को दस एमजी सिट्रीजिन दी जाने से किसी के परिवार की नींद भी उड़ सकती है।

दूरदर्पण न्यूज़ से इकराम अब्बासी की खास रिपोर्ट

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